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होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा

रचना: कैफ़ी आज़मी
स्वर: भूपिन्दर, रफ़ी, तलत महमूद और मन्ना डे

होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा
ज़हर चुपके से दवा जानके खाया होगा

दिल ने ऐसे भी कुछ अफ़साने सुनाए होंगे
अश्क़ आँखों ने पिये और न बहाए होंगे
बन्द कमरे में जो खत मेरे जलाए होंगे
एक इक हर्फ़ जबीं पर उभर आया होगा

उसने घबराके नज़र लाख बचाई होगी
दिल की लुटती हुई दुनिया नज़र आई होगी
मेज़ से जब मेरी तस्वीर हटाई होगी
हर तरफ़ मुझको तड़पता हुआ पाया होगा

छेड़ की बात पे अरमाँ मचल आए होंगे
ग़म दिखावे की हँसी में उबल आए होंगे
नाम पर मेरे जब आँसू निकल आए होंगे
सर न काँधे से सहेली के उठाया होगा

ज़ुल्फ़ ज़िद करके किसी ने जो बनाई होगी
और भी ग़म की घटा मुखड़े पे छाई होगी
बिजली नज़रों ने कई दिन न गिराई होगी
रँग चहरे पे कई रोज़ न आया होगा

मेरी नाज़नीं तुम मुझे भूल जाना – अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन

स्वर: अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन

मेरी नाज़नीं तुम मुझे भूल जाना, मुझे तुमसे मिलने न देगा ज़माना।

कभी हम मिले थे किसी एक शहर में, कभी हम मिले थे गुलों की डगर में।
समझना कि था ख़्वाब कोई सुहाना, मेरी नाज़नीं तुम मुझे भूल जाना।

जुदाई के सदमों को हँस हँस के सहना, मेरे गीत सुनना तो ख़ामोश रहना।
कभी इनको सुन के न आँसू बहाना, मेरी नाज़नीं तुम मुझे भूल जाना।

सुना है किसी की दुल्हन तुम बनोगी, किसी गैर की अंजुमन तुम बनोगी।
कभी राज़-ए-उल्फ़त लबों पर न लाना, मेरी नाज़नीं तुम मुझे भूल जाना।

फिर तेरी याद नये दीप जलाने आई – भूपिन्दर

गायक : भूपिन्दर
शायर : नक़्श लायलपुरी

फिर तेरी याद नये दीप जलाने आई
मेरी दुनिया से अंधेरों को मिटाने आई

ना कोई दर्द ना अब दर्द का एहसास रहा
युँ लुटा हूं मैं के कुछ भी मेरे पास रहा
मेरी बरबादी पे ये अश्क़ बहाने आई
फिर तेरी याद नये दीप जलाने आई

इन बुज़ी आँखों के हर ख़्वाब की ताबीर गई
जल उठा मैं जो मेरे प्यार की तहरीर जली
मेरे दामन में लगी आग बुझाने आई
फिर तेरी याद नये दीप जलाने आई

आई तेरी याद.…

सोग में डूबी हुई लगती है खामोश फ़िज़ां
इतना तन्हा ना कीसी शाम किसी रात रहा
मेरी तन्हाई को सीने से लगाने आई
फिर तेरी याद नये दीप जलाने आई

आईना मुझ से मेरी पहेली सी सुरत माँगे

गायक : तलत अझीझ
संगीत : राजेश रोशन

आईना मुझसे मेरी पहेली सी सुरत माँगे
मेरे अपने मेरे होने की निशाानी माँगें

मैं भटकता ही रहा दर्द के विरान में
वक्त लिखता रहा चेहरे के हर पल का हिसाब
मेरी शोहरत मेरी दिवानगी की नझर होगी
पी गयी मय की बोतल मेरे गीतोँ की किताब
आज लौटा हूँ तो हँसने की अदा भूल गया
ये शहर भूला मुझे मैँ भी इसे भूल गया

मेरे अपने मेरे होने की निशाानी माँगें
आईना मुझसे मेरी पहेली सी सुरत माँगे

मेरा फन फ़िर मुझे बाझार में ले आया है
ये वह जां है के जहाँ महेरो वफ़ा बिकते हैं
बाप बिकते हैं और लख्ते जिगर बिकते हैं

कूख बीकती है दिल बिकता है सर बिकते हैं
इस बदलती हुई दुनिया का खुदा कोई नही
सस्ते दामो मे हर रोझ खुदा बिकते हैं

मेरे अपने मेरी होने की निशानी मांगे
आईना मुझसे मेरी पहेली सी सुरत माँगे

हर खरीदार को बाझार मे बिकता पाया
हम क्या पाएंगे किसीने यहा क्या पाया
मेरे एहसास मेरे फूल कहीं और चलें
बोल पूजा मेरी बच्ची कहीं और चलें

तेरी तो चाँद सितारों में बात होती है – मोहम्मद रफी

संगीत : ईकबाल कुरेशी
गज़ल : मुज़फ्फर शाहजहाँनपुर
राग : भैरवी

तेरी तो चाँद सितारों में बात होती है
चमन चमन में बहारों में बात होती है

तेरे शबाब को देखा शराब छूट गई
यही शराब के मारों से बात होती है

सितम वो करते हैं जिस पर बडी तवज्जो से
ये उससे उनके मुकद्दर की बात होती है

मेरे जुनून से वो शोहरत है तेरे जलवों की
जिधर भी जाओ हजारों में बात होती है

Dil Dhadkane Ka Sabab – Asha Bhosle

Singer – Asha Bhosle
Lyrics – Nasir Kazmi

Dil Dhadkane Ka Sabab Yaad Aaya
Woh Teri Yaad Thi Ab Yaad Aaya

Aaj Mushkil Tha Sambhalana Aye Dost
Tu Musibat Mein Ajab Yaad Aaya

Haal-e-Dil Hum Bhi Sunate Lekin
Jab Woh Rukhsat Huey Tab Yaad Aaya

Din Guzaara Tha Badi Mushkil Se
Phir Tera Wada-e-Shab Yaad Aaya

Baith Kar Saaya-e-Gul Mein Nasir
Hum Bahot Roye Woh Jab Yaad Aaya

आज भी है मेरे कदमों के निशाँ – हरिहरन

स्वर : हरिहरन

शायर : मुमताझ राशीद

 

आज भी है मेरे कदमों के निशाँ आवारा
तेरी गलियों में भटकते थे जहाँ आवारा

तुझ से क्या बिछडे तो हो गई अपनी हालत
जैसे हो जाये हवाओँ में धूँआ आवारा

मेरे शेरों की थी पहचान उसी के दम से
उसको खोकर हुए बे-नाम-ओ-निशाँ आवारा

जिसको भी चाहा उसे टूटकर चाहा राशीद
कम मिलेंगे तुम्हें हम जैसे यहाँ आवारा

– मुमताझ राशीद

Badi Nazuk Hai Ye Manzil – Jagjit Singh

Singer : Jagjit Singh
Shayar : Zameer Kazmi

Badi nazuk hai ye manzil muhabbat ka safar hai
Dhadak aahista se, e dil  muhabbat ka safar hai

Koi sun le na ye kissa bahut dar lagta hai
Magar darne se  kya  haasil muhabbat ka safar hai

Batana bhi nahi aasan chhupana bhi kathin hai
Khudaya kis kadar mushkil muhabbat ka safar hai

Ujale dil ke faile hain chale aao na janam
Bahut hi pyar ke kabil muhabbat ka safar hai

बडी नाजूक हैं ये मंझिल – जगजित सिंघ

शायर : झमीर काझमी
स्वर : जगजित सिंघ

 

बडी नाजूक हैं ये मंझिल, मोहब्बत का सफर हैं
धडक आहिस्ता से ऐ दिल, मोहब्बत का सफर हैं

कोई सून ले ना ये किस्सा, बहोत डर लगता हैं
मगर डरने से क्या हासिल, मोहब्बत का सफर हैं

बताना भी नहीं आसान, छुपाना भी कठीन हैं
खुदाया किस कदर मुश्किल, मोहब्बत का सफर हैं

उजाले दिल के फैले हैं, चले आओ ना जानम
बहोत ही प्यार के काबिल, मोहब्बत का सफर हैं

Aaj Bhi Hai Mere Kadmo Ke Nishan – Hariharan

Singer : Hariharan

Poet : Mumtaz Rashid

Aaj bhi hai mere kadmo ke nishan

Aaj bhi hai mere kadmon ke nishaan awaara
Teri galiyon mein bhatakte the jahaan awaara

Tujhse kya bichde to ye ho gayi apni haalat
Jaise ho jaaye hawaaon mein dhuaan awaara

Mere sheron ki thi pehchaan usi ke dam se
Usko kho kar hue be-naam-o-nishaan awaara

Jisko bhi chaaha use toot ke chaaha rashid
Kam milenge tumhe ham jaise yahaan awaara

– Mumtaz Rashid

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